Ed ki homeopathic medicine in hindi
इरेक्टाइल डिसफंक्शन क्या है ?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और गलत खान-पान के कारण पुरुषों में कई स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इनमें से एक सबसे प्रमुख समस्या है स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction - ED), जिसे आम भाषा में 'नपुंसकता' भी कहा जाता है।
कई पुरुष इस विषय पर बात करने से कतराते हैं, जिससे समस्या कम होने के बजाय बढ़ जाती है। इस लेख में हम जानेंगे कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन क्या है, इसके कारण क्या हैं और इसका इलाज कैसे संभव है।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के क्या लक्षण हैं
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन वह स्थिति है जिसमें एक पुरुष संभोग (Sex) के दौरान लिंग में पर्याप्त तनाव (Erection) लाने या उसे बनाए रखने में असमर्थ होता है। अगर यह समस्या कभी-कभार होती है, तो यह सामान्य हो सकती है, लेकिन यदि यह लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ED के लक्षणों को पहचानना आसान है:
मार्निंग erection का न होना
लिंग में तनाव लाने में कठिनाई होना।
संभोग के दौरान तनाव को बरकरार न रख पाना।
यौन इच्छा (Libido) में कमी महसूस होना।
मानसिक तनाव या आत्मविश्वास में कमी।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन का मुख्य कारण क्या है?
ED के पीछे शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के कारण हो सकते हैं:
1. शारीरिक कारण (Physical Causes):
हृदय रोग: नसों में खून का प्रवाह कम होने से तनाव में कमी आती है।
मधुमेह (Diabetes): हाई शुगर नसों और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है।
मोटापा और सुस्त जीवनशैली।
हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल।
हार्मोनल असंतुलन: टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) लेवल का कम होना।
2. मानसिक कारण (Psychological Causes):
अत्यधिक मानसिक तनाव (Stress)।
डिप्रेशन या चिंता (Anxiety)।
रिलेशनशिप में कड़वाहट या आपसी तालमेल की कमी।
परफॉरमेंस एंग्जायटी (Performance Anxiety)।
Erectile Dysfunction Treatment in Hindi
अच्छी खबर यह है कि सही समय पर इलाज मिलने से इस समस्या को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
1. जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes)
नियमित व्यायाम: पैदल चलना या कार्डियो एक्सरसाइज ब्लड सर्कुलेशन को सुधारती है।
स्वस्थ आहार: हरी सब्जियां, फल, नट्स और ओमेगा-3 युक्त भोजन लें।
Ed में कीगल एक्सरसाइज काफी फायदेमंद होती है
कीगल एक्सरसाइज कैसे करें? (Step-by-Step Guide)
इसे करने के लिए आपको किसी जिम या उपकरण की जरूरत नहीं है। आप इसे घर पर, ऑफिस में या कहीं भी बैठ कर कर सकते हैं।
स्टेप 1: सही मांसपेशियों की पहचान करें
सही मसल्स को पहचानने का सबसे आसान तरीका यह है कि जब आप पेशाब कर रहे हों, तो बीच में ही पेशाब को रोकने की कोशिश करें। जिन मांसपेशियों का उपयोग आप पेशाब रोकने के लिए करते हैं, वही आपकी पेल्विक फ्लोर मसल्स हैं।
(नोट: इसे बार-बार पेशाब करते समय न दोहराएं, यह केवल मांसपेशियों को पहचानने के लिए है।)
स्टेप 2: पोजीशन लें
शुरुआत में आप इसे लेटकर या बैठकर कर सकते हैं। अपने शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ दें।
स्टेप 3: संकुचन (Contraction)
अपनी उन पेल्विक मांसपेशियों को सिकोड़ें (जैसे पेशाब रोक रहे हों)। इस अवस्था में 3 से 5 सेकंड तक रुकें।
स्टेप 4: आराम (Relax)
अब धीरे-धीरे मांसपेशियों को ढीला छोड़ें और 3 से 5 सेकंड के लिए आराम करें।
स्टेप 5: दोहराएं
इस प्रक्रिया को एक बार में 10 से 15 बार दोहराएं। दिन में कम से कम 3 बार इसका अभ्यास करें।
नशे से दूरी: धूम्रपान और शराब का सेवन नसों को कमजोर करता है, इन्हें तुरंत छोड़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न -
प्रश्न: Kya erectile dysfunction thik hota hai
उत्तर: हां, यदि कारण शारीरिक या मानसिक है, तो सही इलाज, व्यायाम और खान-पान से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) कोई शर्मिंदगी की बात नहीं है, बल्कि एक चिकित्सीय स्थिति है। यदि आप या आपका कोई परिचित इससे जूझ रहा है, तो संकोच छोड़कर डॉक्टर से परामर्श लें। स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और खुश रहें।
Homeopathic medicine for Erectile dysfunction hindi
स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction/नपुंसकता) के लिए आपने जिन होम्योपैथिक दवाओं का उल्लेख किया है, उनके मुख्य लक्षण नीचे दिए गए हैं।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
यह जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य से दी गई है। औषधि का चयन रोगी की समग्र लक्षण-चित्र (Totality of Symptoms) के आधार पर योग्य होम्योपैथिक चिकित्सक द्वारा किया जाना चाहिए।
होम्योपैथी में लक्षणों का मानसिक और शारीरिक मिलान बहुत महत्वपूर्ण होता है:
1. Acid Phos (एसिड फॉस)
यह दवा विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो मानसिक या शारीरिक कमजोरी से जूझ रहे हैं।
लक्षण: अत्यधिक विचार करने, शोक या बीमारी के कारण आई कमजोरी।
संभोग के दौरान या उससे पहले ही शिथिलता (Erection ढीला पड़ना)।
रात में अपने आप वीर्यपात (Nightfall) होना।
याददाश्त की कमी और हर समय थकान महसूस होना।
2.Nuphar Luteum (न्यूफर ल्यूटियम)
यह दवा मुख्य रूप से यौन इच्छा की पूरी तरह समाप्ति के लिए दी जाती है।
लक्षण: अंगों में बिल्कुल भी हलचल या तनाव न होना (Complete absence of erection)।
अनचाहे वीर्यपात की समस्या।
मल त्याग के दौरान वीर्य जैसा चिपचिपा पदार्थ निकलना।
3. Onosmodium (ओनोस्मोडियम)
यह दवा मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जिनकी इच्छा ही खत्म हो गई हो।
लक्षण: यौन शक्ति का पूरी तरह नष्ट हो जाना।
शारीरिक समन्वय की कमी (Psychological impotence)।
ऐसा महसूस होना जैसे कि शरीर में ताकत ही नहीं बची है
4.Tribulus Terrestris (ट्रिबुलस टेरेस्ट्रिस)
यह दवा मूत्र मार्ग की समस्याओं और यौन दुर्बलता दोनों पर काम करती है।
लक्षण: जननांगों में कमजोरी महसूस होना।
पेशाब के साथ वीर्य का निकलना (Spermatorrhoea)।
यह शरीर में प्राकृतिक रूप से शक्ति बढ़ाने में मदद करती है।
5. Bufo Rana (बुफो राना)
यह दवा उन मामलों में दी जाती है जहां समस्या का कारण गलत आदतें रही हों।
लक्षण: बहुत कम समय में स्खलन (Premature ejaculation) हो जाना।
अत्यधिक हस्तमैथुन के कारण आई कमजोरी।
अंगों में ऐंठन या झटके महसूस होना।
6.Origanum (ओरिगेनम)
यह दवा उन लोगों के लिए है जिनकी कामुकता बहुत अधिक होती है, लेकिन शरीर साथ नहीं देता।
लक्षण: मन में लगातार यौन विचार चलना लेकिन शारीरिक रूप से कमजोरी।
अत्यधिक उत्तेजना के कारण अंगों का ढीला पड़ जाना।
7. Coffea Cruda (कॉफिया क्रूडा)
यह दवा मुख्य रूप से नींद की कमी और घबराहट से जुड़ी है।
लक्षण: बहुत अधिक उत्साह या घबराहट के कारण प्रदर्शन न कर पाना।
मन में विचारों का तूफान चलना जिससे नींद नहीं आती और शरीर थक जाता है।
8.Muira Puama (मुइरा पुआमा)
इसे होम्योपैथी में "नपुंसकता की बेहतरीन दवा" माना जाता है।
लक्षण: यौन इच्छा (Libido) में भारी कमी।
अंगों में रक्त संचार की कमी के कारण तनाव न आना।
यह दवा जोश जगाने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने में सहायक मानी जाती है।
9.Staphysagria (स्टेफिसेग्रिया)
यह दवा अक्सर उन मामलों में दी जाती है जहाँ समस्या का मूल कारण मानसिक या भावनात्मक होता है।
लक्षण: अपमानित महसूस करने, मन में गुस्सा दबाए रखने या बहुत अधिक शर्मिंदगी के कारण आई नपुंसकता।
अत्यधिक हस्तमैथुन (Masterbation) के पुराने इतिहास के कारण आई शारीरिक और मानसिक कमजोरी।
पीठ में दर्द और टांगों में कमजोरी महसूस होना।
संभोग के दौरान बार-बार मन में डर या हीन भावना आना।
10. Lycopodium (लाइकोपोडियम)
यह होम्योपैथी की "किंग ऑफ मेडिसिन" में से एक है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो बढ़ती उम्र या अत्यधिक तनाव के कारण कमजोरी महसूस करते हैं।
लक्षण: कम उम्र में ही बूढ़ा जैसा महसूस करना (Premature Aging)।
अंगों में बिल्कुल भी तनाव न आना या बहुत जल्दी ढीला पड़ जाना।
संभोग की इच्छा तो होती है लेकिन मन में "असफल होने का डर" (Performance Anxiety) बहुत अधिक रहता है।
अक्सर पेट की समस्याओं (गैस, अफारा) के साथ यौन कमजोरी जुड़ी होती है।
यह उन लोगों के लिए भी असरदार है जिनकी याददाश्त कमजोर हो रही हो और आत्मविश्वास में कमी आ गई हो।
11. Agnus Castus (एग्नस कास्टस)
यह दवा उन पुरुषों के लिए सबसे उपयुक्त है जो अपनी उम्र से पहले ही "बूढ़ा" महसूस करने लगते हैं और जिनमें जीवन शक्ति की भारी कमी होती है।
मुख्य लक्षण (Key Symptoms):
पूर्ण नपुंसकता: जननांग बहुत अधिक ढीले, ठंडे और शिथिल महसूस होते हैं।
इच्छा की कमी: यौन इच्छा (Libido) का पूरी तरह से खत्म हो जाना।
मानसिक स्थिति: रोगी अक्सर उदास रहता है और उसे अपनी मृत्यु का डर सताता रहता है या उसे लगता है कि अब वह कभी ठीक नहीं हो पाएगा।
याददाश्त की कमी: एकाग्रता में कठिनाई और चीजों को भूल जाना।
शारीरिक संकेत: जननांगों का सिकुड़ जाना और उनमें संवेदनशीलता (Sensation) की कमी होना।
कारण: यह दवा अक्सर उन लोगों को दी जाती है जिन्होंने अतीत में अत्यधिक यौन क्रियाओं या गलत आदतों के कारण अपनी शक्ति खो दी हो।
12. Sabal Serrulata (सबल सेरुलेटा)
यह दवा विशेष रूप से उन पुरुषों के लिए है जहाँ यौन कमजोरी का सीधा संबंध प्रोस्टेट ग्रंथि (Prostate Gland) की समस्याओं से होता है।
मुख्य लक्षण (Key Symptoms):
प्रोस्टेट की समस्या: प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ जाना (BPH), जिसके कारण पेशाब करने में कठिनाई होती है और साथ ही यौन शक्ति कम हो जाती है।
अंगों का सिकुड़ना: जननांगों का आकार में छोटा या संकुचित महसूस होना।
यौन इच्छा में कमी: संभोग की इच्छा का कम होना और अंगों में भारीपन महसूस होना।
पेशाब के लक्षण: रात में बार-बार पेशाब जाना, पेशाब की धार कमजोर होना और पेशाब के बाद भी संतुष्टि न मिलना।
दर्दनाक स्खलन: स्खलन (Ejaculation) के समय दर्द या असहजता महसूस होना।
धातु रोग: मल त्याग के समय या पेशाब के दौरान वीर्य जैसा तरल पदार्थ निकलना (Spermatorrhoea)।
Note- उपरोक्त दवाइयां सिर्फ शैक्षिक जानकारी के लिए बताई गई है कृपया सेवन करने से पहले अपने नजदीकी या हमारे अनुभवी होम्योपैथिक चिकित्सकों से संपर्क करें
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इन समस्याओं पर उचित होम्योपैथिक चिकित्सा परामर्श:
- शारीरिक कमजोरी और थकान
- नसों का ढीलापन
- समय की कमी
- जोश और इच्छा में कमी
