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Azoospermia

Azoospermia (शून्य शुक्राणु संख्या) और कम शुक्राणु संख्या (ओलिगोस्पर्मिया)/Low Sperm Count पुरुष बांझपन के महत्वपूर्ण कारण हैं, जिनमें समय पर जाँच और व्यक्तिगत होम्योपैथिक उपचार से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

Azoospermia क्या है 

Azoospermia वह स्थिति है जिसमें वीर्य में बिल्कुल भी शुक्राणु नहीं पाए जाते, जिससे प्राकृतिक गर्भधारण संभव नहीं हो पाता। यह सामान्य पुरुष जनसंख्या के लगभग 1% और बाँझ पुरुषों के लगभग 10–15% में पाया जा सकता है। zoospermia के कारण और लक्षण इसके कारणों में हार्मोनल गड़बड़ी, वृषण की बीमारी या चोट, जन्मजात नलिकीय रुकावट, संक्रमण, कीमोथेरेपी/रेडिएशन, और कुछ रसायनों या कीटनाशकों का संपर्क शामिल हो सकते हैं। रोगी में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, परंतु कम कामेच्छा,/ Low Libido इरेक्शन की समस्या, अंडकोष में सूजन या गाँठ, और चेहरे‑शरीर के बालों में कमी जैसे संकेत मिल सकते हैं।

 Low Sperm Count / Oligospermia

 Low sperm count तब कहा जाता है जब 1 मिलीलीटर वीर्य में सामान्य से कम संख्या में शुक्राणु पाए जाते, जिससे गर्भधारण की संभावना घट जाती है। इसके साथ शुक्राणु की गतिशीलता और आकृति में दोष (मोटिलिटी और मॉर्फोलॉजी) भी पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। Low Sperm Count के सामान्य कारण हार्मोनल असंतुलन, वैरिकोसील, जननांग संक्रमण, धूम्रपान‑शराब, मोटापा, तनाव, गर्म वातावरण (जैसे हॉट बाथ), और कुछ दवाएँ या रसायन प्रमुख कारण माने जाते हैं। बार‑बार असफल गर्भधारण प्रयास, वीर्य की मात्रा या गुण में कमी, टेस्टिस में दर्द या सूजन, सेक्स ड्राइव में कमी जैसी समस्याएँ रोगी को जाँच के लिए प्रेरित करती हैं। होम्योपैथिक में पुरुष बाँझपन का उपचार पूरी व्यक्तित्व, मानसिक‑शारीरिक लक्षण, रोग‑इतिहास और जीवन‑शैली के अनुसार व्यक्तिगत दवा चयन पर आधारित होता है, केवल रिपोर्ट पर नहीं। शोध व क्लीनिकल अनुभव बताते हैं कि उचित केस‑टेकिंग के साथ दी गई 
दवाएँ शुक्राणुओं की संख्या, गुणवत्ता और गतिशीलता में सुधार कर सकती हैं तथा रोगी के संपूर्ण स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती हैं।

⚠️ महत्वपूर्ण सूचना

यह जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य से दी गई है। औषधि का चयन रोगी की समग्र लक्षण-चित्र (Totality of Symptoms) के आधार पर योग्य होम्योपैथिक चिकित्सक द्वारा किया जाना चाहिए।

Low Sperm Count में उपयोगी प्रमुख होम्योपैथिक औषधियाँ*Lycopodium, Pulsatilla, Natrum muriaticum, Calcarea carbonica, Phosphorus, Thuja, Silicea, Tribulus आदि दवाएँ विभिन्न मानसिक‑शारीरिक लक्षणों के साथ पाए जाने वाले कम शुक्राणु और कम मोटिलिटी में प्रायः बताई जाती हैं। तथा वैरिकोसील से संबंधित मामलों में Hamamelis, Fluoric acid, Arnica , Aristolochia को कई प्रैक्टिशनर उपयोगी मानते हैं। Azoospermia के लिए होम्योपैथिक औषधियाँ- *Azoosperma में Agnus castus, Acid phosphoricum, Selenium, Damiana, Calcarea carbonica, Cobaltum, Ars Iod X ray जैसी औषधियों का उल्लेख मिलता है, विशेषकर जब हार्मोनल असंतुलन, मानसिक तनाव, यौन दुर्बलता या दीर्घकालिक रोगों की पृष्ठभूमि हो। कुछ केस‑स्टडीज़ में व्यक्तिगत रूप से चुनी गई होम्योपैथिक दवा से Azoosperma में भी सुधार और शुक्राणु की उपस्थिति दर्ज की गई है, जो इस क्षेत्र में होम्योपैथी की संभावनाएँ दिखाती हैं। रोगी को देने योग्य सलाह सबसे पहले योग्य एंड्रोलॉजिस्ट/इन्फर्टिलिटी विशेषज्ञ से जाँच कराकर कारण की पुष्टि करना आवश्यक है, ताकि अवरोधक (obstructive) या अपरिवर्तनीय रोग‑स्थितियों की पहचान हो सके। धूम्रपान‑शराब त्याग, संतुलित आहार, वजन नियंत्रण, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन और ताप से बचाव (कसे हुए कपड़े, लंबे समय तक लैपटॉप गोद में रखना, बार‑बार हॉट बाथ) जैसी जीवन‑शैली सुधार की सलाह उपचार के साथ अवश्य दी जानी चाहिए। *ऊपर उल्लिखित औषधियाँ केवल शैक्षिक जानकारी के लिए हैं; Medicine, Potency और Repetition का चयन विस्तृत केस‑टेकिंग के बाद ही योग्य होम्योपैथिक चिकित्सक द्वारा किया जाना चाहिए‌| हमारे होम्योपैथिक चिकित्सकों से परामर्श हेतु संपर्क करें-8707401489

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