स्पर्मेटोजेनेसिस (Spermatogenesis)
परिचय
स्पर्मेटोजेनेसिस वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा पुरुष जनन कोशिकाओं से परिपक्व शुक्राणु (Spermatozoa) बनते हैं। यह प्रक्रिया वृषण (Testes) की सेमिनिफेरस नलिकाओं (Seminiferous Tubules) में होती है। यह प्रक्रिया Human Physiology तथा Embryology का महत्वपूर्ण विषय है।
स्थान (Site of Spermatogenesis)
स्पर्मेटोजेनेसिस मुख्य रूप से:
वृषणों (Testes) की Seminiferous Tubules में होती है।
इन नलिकाओं की दीवारों में जनन कोशिकाएँ उपस्थित रहती हैं।
इनके बीच में Sertoli Cells पाई जाती हैं जो विकसित हो रहे शुक्राणुओं को पोषण देती हैं।
स्पर्मेटोजेनेसिस के चरण
स्पर्मेटोजेनेसिस को मुख्यतः चार चरणों में बाँटा जाता है:
1. गुणन चरण (Multiplication Phase)
यह प्रारम्भिक चरण है।
इसमें आदिम जनन कोशिकाएँ जिन्हें स्पर्मेटोगोनिया (Spermatogonia) कहते हैं, माइटोसिस द्वारा बार-बार विभाजित होती हैं।
इससे कोशिकाओं की संख्या बढ़ती है।
ये कोशिकाएँ द्विगुणित (Diploid, 2n) होती हैं।
महत्व-
भविष्य में बनने वाले शुक्राणुओं की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित होती है।
2. वृद्धि चरण (Growth Phase)
कुछ स्पर्मेटोगोनिया आकार में बड़ी होकर प्राथमिक स्पर्मेटोसाइट (Primary Spermatocyte) बनती हैं।
इस चरण में कोशिका में पोषक पदार्थ और DNA की मात्रा बढ़ती है।
Primary spermatocyte भी Diploid (2n) होती है।
3. परिपक्वता चरण (Maturation Phase)
यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है जिसमें मियॉसिस (Meiosis) होता है।
(A) प्रथम मियॉसिस विभाजन
प्रत्येक Primary Spermatocyte meiosis-I द्वारा दो Secondary Spermatocytes बनाती है।
ये Haploid (n) होती हैं
(B) द्वितीय मियॉसिस विभाजन
प्रत्येक Secondary Spermatocyte meiosis-II द्वारा दो Spermatids बनाती है।
इस प्रकार एक Primary Spermatocyte से कुल चार Spermatids बनते हैं।
4. स्पर्मियोजेनेसिस (Spermiogenesis)
Spermatids आकार एवं संरचना में परिवर्तन करके परिपक्व शुक्राणु बनते हैं।
इसमें:
सिर (Head) बनता है
मध्य भाग (Middle Piece) बनता है
पूँछ (Tail) विकसित होती है
शुक्राणु की संरचना
1. Head – इसमें नाभिक एवं Acrosome होता है।
2. Middle Piece – इसमें माइटोकॉन्ड्रिया होते हैं जो ऊर्जा प्रदान करते हैं।
3. Tail – गति करने में सहायता करती है।
Sertoli Cells का कार्य
Sertoli Cells को “Nurse Cells” भी कहते हैं।
कार्य:
विकसित हो रहे शुक्राणुओं को पोषण देना
सुरक्षा प्रदान करना
अपशिष्ट पदार्थ हटाना
हार्मोनल सहायता देना
हार्मोनल नियंत्रण
स्पर्मेटोजेनेसिस निम्न हार्मोनों द्वारा नियंत्रित होती है:
1. FSH (Follicle Stimulating Hormone)
Sertoli cells को सक्रिय करता है।
2. LH (Luteinizing Hormone)
Leydig cells को Testosterone बनाने हेतु प्रेरित करता है।
3. Testosterone
शुक्राणु निर्माण के लिए आवश्यक मुख्य हार्मोन।
अवधि (Duration)
मनुष्य में स्पर्मेटोजेनेसिस पूर्ण होने में लगभग 64–74 दिन लगते हैं।
स्पर्मेटोजेनेसिस का महत्व
पुरुष प्रजनन क्षमता बनाए रखता है।
निषेचन के लिए शुक्राणु उपलब्ध कराता है।
आनुवंशिक जानकारी अगली पीढ़ी तक पहुँचती है।
संक्षेप में
स्पर्मेटोजेनेसिस वह प्रक्रिया है जिसमें स्पर्मेटोगोनिया से माइटोसिस, मियॉसिस और स्पर्मियोजेनेसिस के माध्यम से परिपक्व शुक्राणुओं का निर्माण होता है। यह प्रक्रिया वृषणों की सेमिनिफेरस नलिकाओं में होती है और पुरुष प्रजनन के लिए अत्यंत आवश्यक है।